Front Desk Architects and Planners Forum
षट खण्डागम - Printable Version

+- Front Desk Architects and Planners Forum (https://frontdesk.co.in/forum)
+-- Forum: जैन धर्मं और दर्शन Jain Dharm Aur Darshan (https://frontdesk.co.in/forum/forumdisplay.php?fid=169)
+--- Forum: Jainism (https://frontdesk.co.in/forum/forumdisplay.php?fid=119)
+--- Thread: षट खण्डागम (/showthread.php?tid=3974)



षट खण्डागम - FDArchitects - 06-19-2026

षट खण्डागम       
यह कर्म सिद्धांत विषयक ग्रंथ है। इसकी उत्पत्ति मूल द्वादशांग श्रुतस्कंध से हुई है । इसके छह खंड हैं -
  1. जीवट्ठाण
  2. खुद्दाबंध
  3. बंधस्वामित्व विचय
  4. वेदना
  5. वर्गणा
  6. महाबंध
 मूल ग्रंथ के पाँच खंड प्राकृत भाषा में सूत्र निबद्ध हैं। इनमें पहले खंड के सूत्र आचार्य पुष्पदंत (ई.106-136) के बनाये हुए हैं। पीछे उनका शरीरांत हो जाने के कारण शेष चार खंडों के पूरे सूत्र आचार्य भूतबलि (ई.136-156) ने बनाये थे। छठा खंड सविस्तर रूप से आचार्य भूतबलि द्वारा बनाया गया है। अत: इसके प्रथम पाँच खंडों पर तो अनेकों टीकाएँ उपलब्ध हैं, परंतु छठे खंड पर वीरसेन स्वामी की संक्षिप्त व्याख्या के अतिरिक्त और कोई टीका नहीं की है।